हर एक पहर हर एक घड़ी जब दिल दीवाना मरता है ,
फ़िर एक पहल कर सच कहने से क्यों दिल आशिक का डरता है?
तू हँसती है खुश दिखती है ये देखके दिल कुछ कहता है ,
हर साँसों में हर बातों में जब नाम तेरा ही रहता है ।
जब हर लम्हों मे नाम तेरा ले ये प्यार तुम्ही से करता है,
फ़िर एक पहल कर सच कहने से क्यों दिल आशिक का डरता है?……… 'अमिष'
Comments
Post a Comment