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बदलाव

जब हम आपसे सवाल करेंगे

अकल्पित नाते

गंगा

एक दिन मैं तुम्हें ख़त लिखूँगा

बादल

जीवन

अंतस का आह्वान

मोहब्बत

सफ़र ट्रेन का

इनक़ार

वर्षा

तुझसे शुरु, तुझमें ख़तम

सीमा-प्रहरी वीरों को

स्थिर मन

तुम मेरा अभिमान हो

एक हथेली धूप

जियूँ 'मैं' सौ साल