एक हथेली धूप October 10, 2017 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps भले से याद है मुझे; वो बातों का जंगल वो झगड़ों का झुरमुट वो ठिठोली वाली तलैया वो रोने वाली बाग़ वो खेलने वाला मैदान दो टूटी हुई कुर्सियां और एक हथेली धूप ।। Comments
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