इनक़ार















मुझसे आने वाली हिचकियाँ और न सताएँ,
इसलिए ख़्वाबों को तार तार करता हूँ ।
बहुत ठग लिया खुद को अमिष ,
जाओ! तुम्हें पहचानने से इनकार करता हूँ ।।

Comments