की होगी नेकी कभी ..

आज रात एक ख़्वाब आया 
ख्वाब में कुछ फ़रिश्ते आये, कुछ बोले 
सुबह उठ कर सोचा तो मन भर आया 
वो जो हूर है 

जिन्दगी संग मेरे जीने में मशगूल है,वो 
खुद से नही आया है 
की होगी नेकी कभी हमने तभी 
मांगी थी चांदनी पर झोली में पूरा का पूरा चाँद आया है  ..  :) 

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