ख़ामोश .........














बड़ा मन लगता था कहानियों में मेरा
आज मैं खुद एक कहानी बन गया ।
बड़े नाज़ों से गाये थे किस्से अपने
ख़ामोश आज अपनी ही ज़ुबानी बन गया ।।

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