इत्तेफ़ाक़ June 27, 2017 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps बस इत्तेफ़ाक़ की बात है 'अमिष' टूट रहे हम, अरमान आपका लुट रहा हमसे ऐसी भी क्या दिल्लगी यारा कि मैयत हमारी है, जनाज़ा आपका उठ रहा ।। Comments
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